विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया! यहां पढ़ें पूरी जानकारी


कानपुर के बिकरु गांव में 8 पुलिसकर्मियों को मार कर शहीद करने वाले विकास दुबे कि एनकाउंटर में मौत हो गई।





उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़कर कानपुर लाया जा रहा था। सूत्रों के अनुसार गाड़ी हाई स्पीड में थी और वह गाड़ी में बिना हथकड़ी के था और उसने बंदूक छीनने की कोशिश की इसी धक्का-मुक्की के दौरान गाड़ी पलट गई और उसने ना सिर्फ भागने की कोशिश की बल्कि उसने फायरिंग भी की, पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग की जिसमे में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ में कई पुलिस जवान भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हादसा सचेंडी हाईवे के निकट हुआ। पुलिस ने हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन STF के आईजी ने थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जानकारी देने की बात की है।





विपक्ष ने उठाए सवाल??





समाजवादी पार्टी के नेता व यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि - "दरअसल यह कार नहीं पलटी है राज खुलने से सरकार पलटने से बच गई है।"







वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद यह कहा था कि राजनीतिक शरण देने वाले ही उसकी हत्या करा सकते हैं!







सवाल जो इसलिए भी उठते हैं!





•कुछ दिनों पहले विकास दुबे की गैंग के अपराधी प्रभात मिश्रा को 9 जुलाई को फरीदाबाद से कानपुर लाने के दौरान एसटीएफ की गाड़ी पंचर हो गई। इसी दौरान वह पिस्तौल छीन कर भागने की कोशिश करने लगा और आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने फायरिंग की जिससे उसकी मौत हो गई।


• सवाल इसलिए भी उठता है कि निहत्थे हाथ वाले सुरक्षाकर्मी ने उज्जैन के मंदिर में उसे पकड़ लिया STF (स्पेशल टास्क फोर्स) के अधिकारी से उसने पिस्तौल छिन कर भागने की कोशिश की!


•कुछ मीडिया रिपोर्ट्स व राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो राजनीतिक व प्रशासनिक सांठगांठ की वजह से उसे संरक्षण मिला और वह इतना बड़ा अपराधी बन सका और कई नेताओं के राज से पर्दा खोल सकता था इसलिए यह फिल्मी नाटक रच कर इस वारदात को अंजाम दिया गया। उसकी मां ने भी राजनीतिक पार्टियों से उसके संबंध बताए थे।





•कई लोग इस एनकाउंटर को सही मान रहे हैं क्योंकि पुलिस कार्रवाई के दौरान उसे संरक्षण मिलता और वह कई सालों तक जिंदा रहता और शहीद पुलिसकर्मियों को उचित न्याय ना मिल पाता!





तो क्या अगर वह अभी जीवित होता और वह राजनीतिक संरक्षण के बारे में बताता तो उनलोगों पर कार्रवाई होती? क्योंकि इन दिनों मीडिया पर विकाश दुबे के 2017 की एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें वो कई BJP विधायकों का नाम ले रहा है!









Video Source - Youtube | Video By - News18 India


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