भुजंगासन कैसे करते हैं और इसके फायदे क्या हैं?



भुजंगासन कैसे करते हैं और क्या है इस आसन का मतलब?



 

"भुजंग" अर्थात सांप मतलब भुजंग सांप को कहते हैं। क्योंकि इस आसन में व्यक्ति की अवस्था फन उठाए हुए सांप के समान बन जाती है। यही कारण है कि इसे भुजंगासन कहते हैं।





भुजंगासन करने की विधि :-





समतल जमीन पर चटाई या दरी बिछा ले। पेट के बल सीधा लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को शरीर के दोनों ओर कंधो के नीचे इस प्रकार रखें कि हाथ की उंगलियां और अंगूठे आपस में मिले रहे। अपने दोनों कोहनी को पेट के पास लाएं और धीरे-धीरे सांस भरते हुए। अपने छाथी को ऊपर की ओर उठाएं जैसे सांप अपनी फन को उठाता है। नाभि भूमि से सटी रहे लेकिन नाभि से ऊपर का सारा शरीर का भाग उठा होना चाहिए। अपने हाथों पर अपने शरीर का भार न पड़ने दें। फिर सांस धीरे-धीरे छोड़ते हुए,अपने सामान्य अवस्था या पूर्ववस्था में आ जाएं। अपनी सुविधा के अनुसार यह आसन कई बार किया जा सकता है।


[caption id="attachment_906" align="aligncenter" width="512"]भुजंगासन कैसे करते हैं aur iske fayde kya hain Image Source - Google | Image By - finessyoga[/caption]



भुजंगासन करने के लाभ:-





⚪यह आसन पेट के सभी आंतरिक भागों को ठीक करता है।


⚪रीड की हड्डी मजबूत और शक्तिशाली बन जाती है और कमर दर्द के परेशानी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।


⚪यह आसन पेट,छाती,कमर और मेरुदंड के सभी तरह के बीमारियों को दूर करने में सहायक है। ⚪गर्दन बलिष्ठ और मजबूत बनती है।


⚪सवाईकिल के रोग में लाभप्रद है।


⚪इस आसन का विशेष व महत्वपूर्ण फायदा गुर्दों व हृदय को मिलता है।


⚪मोटापा को कम करता है।


⚪ चेहरा सुंदर और आकर्षक बनता है।


⚪छाती,गर्दन,कंधे और सिर के हिस्सों को जटिल या सक्रिय बनाता है।


⚪यह आसन स्त्री या पुरुष के गुप्त अंगो को मजबूत बनाता है और उनका विकास करता है।


⚪मासिक धर्म के कई रोगों को दूर करता है।


आप नीचे दिए गए विडिओ से भुजंगासन कैसे करते हैं देख सकते हैं। 


Video Source - Youtube | Video By - Swami Ramdev


 

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