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सूर्य ग्रहण :- ये काम ना करें वर्ना लगेगा पाप! ये काम करें!

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विश्व योग दिवस और सूर्यग्रहण एक साथ विश्व योग दिवस 21 जून 2020, रविवार को सदी (100 सालों ) का दूसरा सबसे बड़ा , व साल 2020 का सबसे पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण कई स्थानों पर भिन्न-भिन्न समय पर रहेगा इसकी अवधि 9:00 बजे सुबह से 3:00 बजे शाम तक रहेगी। सूर्य का बीच का हिस्सा पूरी तरह ढका रहेगा। इस दौरान सूर्य का बाहरी किनारा रिंग (अंगूठी) की तरह दिखेगा !और यह ग्रहण सिर्फ भारत में ही दिखेगा! [caption id="attachment_915" align="aligncenter" width="528"] Image Source - Google | Image By - sabguru [/caption] सूर्यग्रहण को लेकर कई scientific व धार्मिक नजरिए से कई तथ्य हैं जिनका पालन करना चाहिए। ग्रहण के समय जब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर नहीं आ पाती हैं तब कई प्रकार के जीवाणु-विषाणु उत्पन्न हो जाते हैं जो कि बहुत हानिकारक हो सकते हैं! इसलिए शास्त्रों के माध्यम से कई उपाय बताए गए हैं जिनका पालन करके आप सुरक्षित रह सकते हैं। सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इन बातों का ध्यान रखें वह इन्हें पालन करने की कोशिश करें। ये ना करें:- गर...

तुलासन कैसे करें और इसके क्या क्या फायदे हैं?

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क्या है तुलासन इसे कैसे करें ? इस आसन में व्यक्ति अपने दोनों हाथों की मुठियों पर शरीर के वजन को तोलता है। इसलिए इसे तुलासन कहा जाता है। यदि व्यक्ति अपने शरीर को स्थिर रखने के बजाय, अपने आगे-पीछे हिलाएं तो वो आसन दोलनासन कहलाता है। तुलासन करने की विधि:- सबसे पहले भूमि पर मोटी दरि या चटाई बिछा ले। फिर पद्मासन लगाकर अपने दोनों हाथों की मुठियों को जंघाओं के नजदीक जमीन पर रख दें। चित्र को ध्यान में रखते हुए। उसके पश्चात सांस अंदर भरकर आप अपने शरीर को हवा में यानी ऊपर उठाएं। आप अपने शरीर को जितनी समय हवा में रखें, अर्थात ऊपर उठाए रखें तो अत्यंत फायदा मिलेगा। अपने हाथों को एकदम सीधा रखना है। जब आपका शरीर थक जाए, तो धीरे-धीरे शरीर को जमीन पर रखकर सांस बाहर निकाल दें। [caption id="attachment_902" align="aligncenter" width="523"] Image Source - Google | Image By - newsreach [/caption] तुलासन के लाभ:- 💥इस आसन से हाथ के हथेलियां और हाथ मजबूत व शक्तिशाली बन जाते हैं। 💥मेरुदंड, कंधे और पीठ की शक्ति को बढ़ाता है और बलिष्ट बनाता है। \ 💥आंतो और उदर के सभी बीमारी दूर हो...

भुजंगासन कैसे करते हैं और इसके फायदे क्या हैं?

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भुजंगासन कैसे करते हैं और क्या है इस आसन का मतलब?   "भुजंग" अर्थात सांप मतलब भुजंग सांप को कहते हैं। क्योंकि इस आसन में व्यक्ति की अवस्था फन उठाए हुए सांप के समान बन जाती है। यही कारण है कि इसे भुजंगासन कहते हैं। भुजंगासन करने की विधि :- समतल जमीन पर चटाई या दरी बिछा ले। पेट के बल सीधा लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को शरीर के दोनों ओर कंधो के नीचे इस प्रकार रखें कि हाथ की उंगलियां और अंगूठे आपस में मिले रहे। अपने दोनों कोहनी को पेट के पास लाएं और धीरे-धीरे सांस भरते हुए। अपने छाथी को ऊपर की ओर उठाएं जैसे सांप अपनी फन को उठाता है। नाभि भूमि से सटी रहे लेकिन नाभि से ऊपर का सारा शरीर का भाग उठा होना चाहिए। अपने हाथों पर अपने शरीर का भार न पड़ने दें। फिर सांस धीरे-धीरे छोड़ते हुए,अपने सामान्य अवस्था या पूर्ववस्था में आ जाएं। अपनी सुविधा के अनुसार यह आसन कई बार किया जा सकता है। [caption id="attachment_906" align="aligncenter" width="512"] Image Source - Google | Image By - finessyoga [/caption] भुजंगासन करने के लाभ:- ⚪यह आसन पेट के सभी आंतरिक भागों को ठ...

खगासन कैसे करें और इसके क्या क्या लाभ हैं?

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खगासन करने की विधि:- सर्वप्रथम दरि या चटाई बिछा लें। फिर पद्मासन लगाकर पेट के बल लेट जाएं। अपने दाएं और बाएं हाथों को कमर के दोनों तरफ सटा कर रखें।उसके बाद सांस अंदर भरकर सिर,गर्दन,और छाती को भूमि से ऊपर उठा ले। जहां तक संभव हो सके उठा ले। उसके पश्चात ऊपर उठ जाने पर,सिर को अपने पीछे झुकाकर अपनी नयन दृष्टि आकाश की ओर टिकाए रखें। यथासंभव सांसो को जब तक रोक सके, रोके। थक जाने पर धीरे-धीरे सर्वप्रथम छाती,गर्दन और सिर को भूमि पर रख ले। फिर हाथों को सीधा यानी सामान्य अवस्था में कर ले। उसके पश्चात सांस बाहर छोड़कर शरीर को स्थिर या आराम स्थिति में छोड़ दें। खगासन करने के लाभ:- 💠इस आसन से पेट संबंधी रोगों का नाश होता है और पेट हल्का बना रहता है। 💠इस आसन से छाती बलिष्ठ,चौड़ी और शक्तिशाली बनती है। 💠सिर,गर्दन,छाती और पेट इत्यादि के सभी तरह की बीमारियों को नष्ट करता है। 💠 मूत्र संबंधी रोग एवं कष्ट दूर होते हैं। 💠सिर में चक्कर आने बंद या कम हो जाते हैं। 💠 मधुमेह,स्वास और दमा जैसे रोगों में लाभकारी सिद्ध होता हैं। 💠नाभि संबंधी रोगों का नाश होता है। 💠 पेट की वायु या गैस अतिशीघ्र दूर हो जाती है...

एकपादासन कैसे करते हैं?

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Ekpadasan kaise krte hain?  इस आसन में किसी एक पैर पर खड़ा होना होता है,इसीलिए इसे एकपादासन कहते हैं। एकपादासन कैसे करते हैं और उसकी विधि:- सर्वप्रथम भूमि पर अपने दोनों पैरों के साथ सीधे खड़ा हो जाए। फिर रेचक करके सांस धीरे-धीरे बाहर निकाल दें।उसके बाद अपने किसी एक पैर को घुटने से मोड़कर दूसरे पैर के जांघ के मूल स्थान या जंघामूल पर रखें और अपने कुंभक को कायम रखते हुए,अपने दोनों हाथों के अंगूठे के नजदीक वाली उंगली को अंगूठे के मूल स्थान में लगाकर रखें। फिर दोनों हाथों को अपने सिर के बिल्कुल सीध में सीधा रखें। नयन की दृष्टि बिल्कुल सामने रहे। पैर बदलते वक्त रेचक (पूरक) गहराई से किया जाता है। एकपादासन करने के लाभ:- 🔵इस आसन से मन को शांति मिलती है। 🔵कंसंट्रेशन पावर और फोकस करने की क्षमता को बढ़ाता है। 🔵 भक्ति में मन लगा रहता है। 🔵 पैर मजबूत व शक्तिशाली बनते हैं। 🔵 इस आसन से सिद्धि प्राप्त किया जा सकता है और यह आसन सिद्धि प्राप्त करने के लिए प्रसिद्ध है। नीचे दिए गए विडिओ से आप एकपादासन कैसे करते हैं देख सकते हैं   Video Source - Youtube | Video By - FitVit

वज्रासन कैसे करते हैं और इसके फायदे क्या हैं?

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वज्रासन क्या है और इसे कैसे करते हैं? "वज्रासन" दो शब्दों से मिलकर बना है। वज्र और आसन वज्र अर्थात कठोर एवं सख्त और आसन का अर्थ तो आप लोग जानते ही होंगे। मगर योग में यह आसन वज्रासन इसलिए कहलाता है, क्योंकि यह वज्रनाड़ी पर प्रभाव या दबाव बनाता है। यह नाड़ी गुदा और अंडकोष के बीच में स्थित होती है। वज्रासन करने की विधि:- समतल जमीन पर चढ़ाई या दरी बिछा ले। उसके बाद अपने दोनों जंगघाओ को वज्र अर्थात सख्त करके टांगों को मोड़े और दोनों तलवों को नितंबों के नीचे लगाकर बैठ जाएं। इस तरह से पैरों से लेकर घुटनों तक का भाग जमीन से सटा रहेगा। इसका ध्यान अवश्य रखें कि नितंब पैर के तलुवो पर और जांघे पिंडलियों पर रखें। अपने सिर और रीड़ की हड्डी में सीधा खिंचाव रखें। दोनों हाथ की कोहनी यों को बिना मोड़े और अपने हथेलियों को भूमि की ओर करके, फिर दोनों हथेलियों को अपने घुटनों पर रखें।दृष्टि सामने की ओर टिकाए रखें। [caption id="attachment_909" align="aligncenter" width="503"] Image Source - Google | Image By - allayurvedic</a [/caption] याद रहे आसन को नियमित रूप से रो...

रोजाना सूर्य दर्शन करने के लाभ !!

 सूर्य दर्शन करने के 8 चमत्कारी लाभ अपने शरीर के दोनों पैरों को साथ मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। फिर सूर्य को देखें। अतः इसलिए इस क्रिया को सूर्य दर्शन कहते हैं।  सूर्य दर्शन करने की विधि:- प्रतिदिन सुबह सूर्य निकलते समय और शाम के वक्त या सायकाल सूर्य अस्त होने से ठीक पहले सहज भाव में खड़े होकर सूर्य को देखें। दोनों पैरों के बीच थोड़ी सी दूरी अवश्य बनाए रखें। दोनों हाथों को अपने कलाई से आपस में पकड़ कर रखें। याद रहे दृष्टि सूर्य की ओर रहे। पहाड़ी, नदी, किनारे या हरियाली वाले स्थान में इस क्रिया को करते वक्त सास एकदम गहराई से ले,फिर कुछ देर तक रोककर रखें। उसके बाद सास बाहर निकाल दें। यह क्रिया जितनी बार करेंगे आपको उतना ही लाभ मिलेगा। सूर्य दर्शन के लाभ:- 🔥अगर आप प्राणायाम करते हुए। उस स्थिति में सूर्य दर्शन की विधि करते हैं तो शरीर सूर्य के समान तेजस्वी बन जाता है। 🔥 नेत्र की दृष्टि तथा आयु में वृद्धि होती है। 🔥 त्वचा आकर्षित बनती है। 🔥 खून की शुद्धि होती है और मुख कृति प्रभावशाली बनने में मदद मिलती है। 🔥मन शुद्ध हो जाता है और आनंद की अनुभूति होती है। 🔥 इस आसन को करने से concentrati...

महावीरासन कैसे करते हैं?

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महावीरासन क्या है और इसे कैसे करते हैं? महावीरासन करने की विधि:- समतल भूमि पर दोनों पैरों को मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं। फिर एक पैर को जहां तक संभव हो सके,घुटने से मोड़कर आगे की ओर ले जाएं और दूसरे पैर का घुटना मोड़ते हुए पीछे की ओर कड़ा करते हुए खड़े हो जाए। दोनों हाथों की मुट्ठी बंद करके ऊपर उठा ले। मुंह बंद रखें और सांस नाक से ही लें। जब शरीर थक जाए तो रुक जाएं। इस आसन को करते समय शरीर को ताने। दोनों घुटना को ढीला छोड़ दें। आसन करते समय पैरों की अवस्था बदलते रहे। महावीरासन करने के लाभ:- 💠इस आसन से मेरुदंड में गजब की लचक व दृढ़ता उत्पन्न होती है। 💠शरीर में जबरदस्त शक्ति का संचार होता है। 💠 कमर पतली व छाती चौड़ी बनती है। 💠 हाथ पैर टांगे मजबूत व ऊर्जा वर्धक बनती है। 💠 मोटापा तथा चर्बी में कमी आती है। 💠 शरीर में स्फूर्ति उत्पन्न होती है।आलस्य समाप्त होता है। 💠पाचन तंत्र तथा आमाशय में अत्यंत लाभकारी है। 💠साहस व धैर्य की वृद्धि होती है। 💠शरीर स्वस्थ व सुडौल बनता है। 💠यह आसन स्त्री पुरुष सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है। आप नीचे दिए गए विडिओ से महावीरासन कैसे करते हैं देखकर कर सकत...

Adrak ke benefits

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Adrak ke benefits और नुकसान क्या हैं ? अदरक का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभप्रद है। देश के खानपान में अदरक का सेवन विभिन्न रूपों में होता है। आयुर्वेद में औषधि गुणों से भरपूर अदरक की बहुत विस्तार में वर्णन है। अदरक के आयुर्वेद गुणों के कारण ही , हर आदमी इसे अपने खानपान शामिल करता है। अदरक सभी घर में उपस्थित होती होती है क्योंकि यह सबसे प्रमुख गुणों से भरपूर मसाला है। [caption id="attachment_685" align="aligncenter" width="492"] Image Source - Google | Image By - Manish sai [/caption] अदरक में अनेक विटामिंस के साथ-साथ मैग्नीज और कॉपर पाया जाता है। जो शरीर को सही ढंग से संचालित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अदरक को गुणों का भंडार कहा जाता है। क्या आप जानते हैं कि अदरक स्वाद बढ़ाने के लिए प्रसिद्ध पकवानों में एक मुख्य मसालों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। अदरक से शरीर को ऊर्जा ताकत मिलती है और अदरक का सेवन किसी भी रूप में लाभदायक है। 1. पाचन तंत्र को ऊर्जावर्धक बनाता है। अदरक पाचन तंत्र की कार्य क्षमता बढ़ाने के काम आता है। अब किसी भी प्रका...

आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए कुछ साधारण उपाय

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आँखों की रोशनी बढ़ाने के लिए क्या करें जो आपके आँखों से चश्मा जल्दी हट जाए ? आंखें हमारे शरीर का सबसे नाजुक अंग है। यह भगवान के द्वारा दिया गया सबसे अनमोल उपहार है। आंखें हैं तो सब कुछ है। इसकी मदद से हम दुनिया में चारों ओर हो रही घटनाओं को देखते हैं। आंखें ना हो तो हम कुछ नहीं देख सकते और हमारा जीवन अंधकारमय प्रतीत होता है। [caption id="attachment_631" align="aligncenter" width="582"] Image Source - Google | Image By - mybapuji.com [/caption] सबसे ज्यादा नाजुक होने के कारण इन्हें सबसे ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है परंतु हम में से कई इसकी और ध्यान नहीं देते यहां तक कि हम इसकी अच्छे तरीके से सफाई भी नहीं करते हैं। अपने चेहरे की सफाई के लिए हम तरह-तरह के creames का प्रयोग करते हैं परंतु अपनी आंखों के लिए हम कुछ नहीं करते हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि आज पूरी दुनिया में लगभग 60% लोग आंखों की किसी ना किसी समस्या से पीड़ित या उनकी आंखों पर चश्मा लगा है। आंखों की कमजोरी के लक्षण :- आंखों में जलन होना ,दूर या पास का दिखाई ना पड़ना, पढ़ते समय सिर दर्द देना य...

Today New Corona cases reported in China

गौरतलब है कि corona virus(Covid-19) चीन के वुहान से शुरू हुआ और पूरी दुनिया में फैल चुका है 40 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं और पूरी दुनिया प्रभावित हैं। रूस से सटे जीलिन प्रांत चाइना के सुलान शहर में को रोना का संक्रमण फिर से फैल गया है फैलने का मूल कारण अभी तक पता नहीं चला है चीन में सुलान को High Risk Category में डाल दिया है Public Places Closed:- चीनी सरकार ने शहर में संक्रमण को मद्दे नज़र रखते हुए स्कूल,कॉलेज, रेस्टोरेंट,पार्क आदि public places को बंद करने का निर्णय लिया है। और लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील की है| दिसंबर में Corona के मामले आने पर वहाँ मार्च तक lockdown रहा था। जिसके बाद फैक्ट्री, स्कूल कॉलेज,रेस्टॉरेंट आदि स्थानों को खोल दिया गया था। Wuhan के Meat Market में फिर से पहले जैसी रौनक आ गयी है। मानो कुछ हुआ ही नही !Courier Service तकरीबन 40 गुना तक बढ़ गया है। हाल ही में चीन ने Rocket launch किया था। पूरी दुनिया में Covid-19 से त्राहिमाम मचा हुआ है,लेकिन कोरोना का बीज बोने के बाद भी आराम से पैसे कमाने में लगा हुआ है। जिन देशों ने कोरोना से लड़ने China की मद...